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आखिर क्यों हुई थी दुनिया के इस इकलौते क्रिकेटर को फाँसी की सजा:-

 

 ** लेस्ली हिल्टन (पूर्व टेस्ट प्लेयर)वेस्टइंडीज**  


लेस्ली हिल्टन का जन्म 29 मार्च 1905 को जमैका के किंगस्टन शहर में हुआ था। लेस्ली हिल्टन मुख्य रूप से जमैका के रहने वाले थे। हिल्टन वेस्टइंडीज के टेस्ट प्लेयर थे उन्होनें वेस्टइंडीज के लिए 6 टेस्ट मैच खेले हैं। यह टेस्ट मैच हिल्टन ने 1935 से 1939  के बीच खेले थे। हिल्टन ने साल 1935 में अपना पहला टेस्ट ब्रिजटाउन में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। हिल्टन वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज भी थे। 


लेस्ली हिल्टन ने साल 1942 में जमैका के पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी लोरलिन रोज से शादी की थी। लोरलिन शुरू से ही फैशन डिजाइनर बनना चाहती थी शादी के तीन साल बाद लोरलिन ने एक बेटे को जन्म दिया। लोरलिन साथ में न्यूयोर्क से फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण भी ले रही थी। लोरलिन का न्यूयोर्क आना जाना लगा रहता था।    

लेस्ली हिल्टन को साल 1954 में एक बेनाम पत्र मिला जिसमे लिखा था कि उनकी पत्नी लोरलिन रोज के एक व्यक्ति के साथ अवैध संबन्धों के बारे में उनको  उस पत्र के माध्यम से पता चला तो उन दोनों पति पत्नी के बीच काफी बहस भी होती थी। उन्होंने अपनी पत्नी लोरलिन से पूछा तो लोरलिन ने इस बात को स्वीकार किया तो लेस्ली हिल्टन ने अपनी पत्नी लोरलिन रोज को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। 

बाद में वहां की अदालत ने लेस्ली हिल्टन को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में उसे फाँसी की सजा सुनाई और 17 मई 1955 को उसको फाँसी के फंदे से लटकाकर मार दिया गया।  


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