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पांच ग्राम ऑक्सीजन बनाकर नासा ने रचा इतिहास -:

नासा के परसिवरेंस रोवर ने 63 दिन बाद एक सफलता हासिल कर ली हैं। रोवर ने मॉक्सी नामक उपकरण से मंगल के वायुमंडल से कार्बन डाई ऑक्साइड लेकर शुद्ध साँस लेने योग्य 5 ग्राम ऑक्सीजन का निर्माण किया है। यह ऑक्सीजन एक अंतरिक्ष यात्री के 10 मिनट के साँस के बराबर हैं। दुनिया में यह पहली बार हुआ हैं जब धरती के बाद किसी और ग्रह पर साँस लेने योग्य ऑक्सीजन बनायी गयी हैं। नासा के अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी मिशन निदेशालय की निदेशक ट्रडी कोट्र्स ने बताया कि नासा का प्रमुख उद्देश्य 2033 तक मंगल पर मानव पहुंचाने का है।  

ऑक्सीजन कैसे बनाई और क्यों हो रहा हैं प्रयोग ::- 


मॉक्सी नासा का मार्स ऑक्सीजन इन सीटू रिसोर्स यूटीलाइजेशन नाम उपकरण हैं। इसका उद्देश्य मंगल ग्रह पर वहां की कार्बन  डाईऑक्साइड  उपयोग कर ऑक्सीजन का निर्माण करना हैं। यह उपकरण इलेक्ट्रोलाइसिस पद्द्ति  उपयोग कर असीम ऊष्मा का उपयोग कर कार्बन डाई ऑक्साइड से कार्बन और ऑक्सीजन को अलग करता है। मंगल पर इस गैस की कमी नहीं है , क्यूँकि  वहां 95% वायुमंडल इसी से बना हुआ है। 


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